आचार्य रामचंद्र शुक्ल के इन कथनों को सम्बन्ध कवियों से सुमेलित कीजिए। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग करते हुए सही उत्तर को चुनिए:
| सूची I | सूची II | ||
| a) | 'अज्ञात प्रिय' की ओर इशारा करने के अतिरिक्त इन्होंने जगत् के अनेक प्रस्तुत रूपों और व्यापारों को भी अपनी सरल भावनाओं के रंग में देखा है। | i) | महादेवी वर्मा |
| b) | इस वेदना को लेकर इन्होंने ह्रदय की ऐसी अनुभूतियाँ सामने रखी हैं जो लोकोत्तर हैं। | ii) | रामकुमार वर्मा |
| c) | कवि की रहस्य-दृष्टी प्रकृति की आत्मा - जगत् के रूपों और व्यापारों में व्यक्त होने वाली आत्मा - की ओर जाती है। | iii) | सुमित्रानदंन पंत |
| d) | इनकी रहस्यवादी रचनाओं को देखकर चाहे तो यह कहें कि इनकी मधु वर्षा के मानस-प्रसार के लिए रहस्यवाद का परदा मिल गया। | iv) | जयशंकर प्रसाद |
| v) | सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला | ||
1
a-v, b-ii, c-iv, d-iii
2
a-ii, b-i, c-iii, d-iv
3
a-v, b-i, c-iii, d-iv
4
a-i, b-iii, c-ii, d-iv