Teaching UGC NET Mock Test Series 2025 (Paper 1 & 2) हिन्दी साहित्य हिन्दी साहित्य का इतिहास भक्तिकाल
'जेहि पंखी के निअर होइ, कहै बिरह कै बात।
सोई पंखी जाइ जरि, तरिवर होहिं निपात।।'
ऊहात्मकता के अतिरिक्त उक्त पंक्तियों में व्यक्त भाव की क्या विशेषता है?
1
इसमें प्रेम की विलक्षणता नहीं है
2
कवि वेदना के स्वरूप विश्लेषण में नहीं, ताप की मात्रा नापने में प्रवृत्त है
3
इसमें विरहताप के वेदनात्मक स्वरूप की अत्यन्त विशद् व्यंजना की गई है
4
इसमें संत्रास युक्त शृंगार के कारण स्वाभाविक प्रेम की व्यंजना नहीं हुई है