'मनुष्य के मन से सुन्दर और कुछ नहीं होता। ईश्वर यदि हैं तो मनुष्य के मन में ही समाए हैं।"

'मानस का हंस' उपन्यास में यह संवाद किसका है?

1
तुलसी 
2
गंगाराम
3
नरहरि दास
4
मोहिनी

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