'बच्चे प्रत्याशा में होंगें, नीड़ों से झाँक रहें होंगे।
यह ध्यान परों में चिड़िया के भरता, कितनी चंचलता है।'
यह पक्तियाँ किस काव्य संग्रह से है -
1
विषादराग
2
एकांत संगीत
3
निशा - निमंत्रण
4
आकुल - अंतर
'बच्चे प्रत्याशा में होंगें, नीड़ों से झाँक रहें होंगे।
यह ध्यान परों में चिड़िया के भरता, कितनी चंचलता है।'
यह पक्तियाँ किस काव्य संग्रह से है -