तननां बुननां तज्यौ कबीर।
रांम नांम लिखि लियौ सरीर।।
मुसि मुसि रोवै कबीर की माई।
ए बारिक कैसे जीवहिं खुदाई।।
उक्त काव्य-पंक्तियों में प्रयुक्त 'मुसि मुसि' का भावार्थ है -
I. मन ही मन रोना
II. सिसक सिसक कर रोना
III. दहाड़ मारकर रोना
IV. किसी का गुण-कथन करते हुए रोना
नीचे दिए गए कूट मे से सही उतर को चुनिए:
1
I, III और IV सही
2
III और II सही
3
I और II सही
4
II और IV सही