'आगरा बाजार' नाटक में आई नज़्म की पंक्तियों को पहले से बाद के क्रम में लगाइए :

(A) वह सुनके बोला, बाबा, खुदा तुझको ख़ैर दे

हम तो न चाँद समझे, न सूरज हैं जानते

(B) रोटी न पेट में हो तो कुछ भी जतन न हो

मेले की सैर, ख्वाहिशे बाग़ो चमन न हो

(C) होता है बागबों से हर इक बाग़ का निबाह

वह बाग़ किस तरह न लुटे और न उजड़े, आह

(D) जितने है आज आगरे में कारखानाजात

सब पर पड़ी हैं आन के रोज़ी की मुश्किलात

(E) कपड़े किसी के लाल हैं रोटी के वास्ते

लंबे किसी के बाल हैं रोटी के वास्ते

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए: 

1
(D), (E), (C), (A), (B)
2
(D), (B), (C), (A), (E)
3
(D), (C), (B), (A), (E)
4
(D), (C), (A), (B), (E)

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