अचरज होत तुमहुँ सम गोरे बाजत कारे।
तासो कारे 'कारे' शब्दहु पर है वारे ।।
उपरोक्त पंक्तियाँ प्रेमघन ने किस महापुरुष के अपमान पर लिखी थी:
1
दादा भाई नौरोजी
2
महात्मा गाँधी
3
लाला लाजपत राय
4
बालगंगाधर तिलक
अचरज होत तुमहुँ सम गोरे बाजत कारे।
तासो कारे 'कारे' शब्दहु पर है वारे ।।
उपरोक्त पंक्तियाँ प्रेमघन ने किस महापुरुष के अपमान पर लिखी थी: