रासउ असंभु नवरस सरस छंदु चंदु किअ अमिअ सम ।
श्रृंगार वीर करुणा विभछ भय अद्भुत्तह संत सम ।।
उपरोक्त पंक्तियां चंदबरदाई ने किस संदर्भ में लिखी हैं?
1
वीर रस
2
संगीत
3
रासउ की व्याख्या
4
भक्ति की व्याख्या
रासउ असंभु नवरस सरस छंदु चंदु किअ अमिअ सम ।
श्रृंगार वीर करुणा विभछ भय अद्भुत्तह संत सम ।।
उपरोक्त पंक्तियां चंदबरदाई ने किस संदर्भ में लिखी हैं?