'भेख है यह। आप विचार कर देखिए। जैसे आपका यह खध्धड़ कपड़ा है। मलमल और मारकीन कपड़ा पहनने वाले मन से भले ही महतमा जी के पन्थ को मानें, लेकिन आप उन्हें सुराजी तो नहीं कहिएगा?'
उपरोक्त कथन मैला आँचल के किस पात्र द्वारा कहा गया है-
1
लछमी
2
बालदेव
3
सुमरितदास
4
फुलिया