'स्कंदगुप्त' नाटक के प्रथम अंक में आए संवादों को पहले से बाद के क्रम में लगाइये:
A. कविता करना अनंत पुण्य का फल है।
B. अधिकार-सुख कितना मादक और सारहीन है।
C. केवल संधि-नियम से ही हम लोग बाध्य नहीं हैं -शरणागत की रक्षा भी क्षत्रिय का धर्म है।
D. राष्ट्रनीति, दार्शनिकता और कल्पना का लोक नहीं है।
E. पुरुष है कुतूहल और प्रश्र, और स्त्री है विश्लेषण, उत्तर और सब बातों का समाधान।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
1
B, C, D, A, E
2
B, D, C, A, E
3
B, A, D, C, E
4
B, C, A, D, E