'सादे ढ़ंग से केवल कुछ अत्यंत व्यंजक घटनाएँ और थोड़ी बातचीत सामने लाकर क्षिप्र गति से किसी एक गंभीर संवेदना या मनोभाव से पर्यवक्षित होने वाली'
यह कथन आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने किस कहानी के संदर्भ में कहा है?
1
एक टोकरी भर मिट्टी
2
दुलाईवाली
3
उसने कहा था
4
कानों में कंगना