"बिना दुख के सब निस्सार,
बिना आँसू के जीवन भार,
दीन दुर्बल है रे, संसार
इसी से दया, क्षमा औ' प्यार!"
यह कवितांश किस कवि द्वारा रचित है ?
1
सुमित्रानन्दन पन्त
2
मैथिलीशरण गुप्त
3
रामधारी सिंह 'दिनकर'
4
नागार्जुन
"बिना दुख के सब निस्सार,
बिना आँसू के जीवन भार,
दीन दुर्बल है रे, संसार
इसी से दया, क्षमा औ' प्यार!"
यह कवितांश किस कवि द्वारा रचित है ?