उपन्यासों की कथा भाषा के सम्बन्ध में निम्नलिखित कथन विचरणीय है:
A. 'राग दरबारी' उपन्यास में शब्दक्रीड़ा, श्लेष और बिम्बों का व्यंग्यार्थ प्रयोग है।
B. 'बाणभट्ट की आत्मकथा' की भाषा अलंकार हीन और तत्सम रहित है।
C. 'मैला आंचल' में भाषिक मसखरेपन का नाटकीय प्रयोग है।
D. 'शेखर एक जीवनी' में बिम्बों की दर्शनीय भाषिक छवियाँ हैं।
E. 'झूठा सच' की भाषा काव्यात्मक है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
1
केवल A, C, D
2
केवल A, B, E
3
केवल B, C, D
4
केवल A, D, E