"जातियाँ इस देश में अनेक आई हैं। लड़ती झगड़ती भी रही हैं, फिर प्रेम पूर्वक बस भी गयी हैं। सभ्यता की नाना सीढ़ियों पर खड़ी और नाना ओर मुख कर के चलने वाली इन जातियों के लिए एक सामान्य धर्म खोज निकालना कोई सहज बात नहीं थी।" उपरोक्त पंक्तियाँ किस निबन्ध की हैं ?
1
कविता क्या है
2
मजदूरी और प्रेम
3
नाखून क्यों बढ़ते हैं
4
उठ जाग मुसाफिर