''हमारे समाज के पुरुष के विवेकहीन जीवन का चित्र देखना हो तो, विवाह के समय गुलाब-सी खिली हुई, स्वस्थ बालिका को पांच वर्ष बाद देख लीजिए। उस समय अममय प्रौढ़ हुई दुर्बल संतानों की रोगिणी पीली माता में कौन-सी विवशता, कौन-सी रूला देनेवाली करुणा न मिले।"
उपरोक्त कथन किस लेखिका का है ?
1
रमणिका गुप्ता
2
मन्नू भंडारी
3
प्रभा खेतान
4
महादेवी वर्मा