जैसे-जैसे उच्चस्तरीय वर्ग में ग़बन, धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार और वंशवाद अपनी जड़ें मजबूत करता जाता है, वैसे-वैसे यह उपन्यास और ज़्यादा प्रासंगिक होता जा रहा है।' - यह कथन किस उपन्यास के लिए उसके उपन्यासकार ने पुनर्प्रकाशन की भूमिका में लिखा था?

1
महाभोज
2
आखिरी कलाम
3
काशी का अस्सी
4
राग दरबारी

Sponsored

hivanix.in

Visit

This quiz is brought to you by hivanix.in

🌐 Web App Development

Quick Navigation