'ये हत्यारे गाँव के मुखिया हैं, गरीबों का खून चूसने वाले !
सूद - ब्याज, डेढ़ी - सवाई, नजर नजराना, घूस घास जैसे भी हो, गरीबों को लूटो। उस पर सुराज चाहिए जेल जाने से सुराज न मिलेगा। सुराज मिलेगा धरम से, न्याय से।'
- 'गोदान' उपन्यास में यह कथन किसका है?
1
गोबर
2
धनिया
3
शोभा
4
सिलिया