“पवित्रता की माप है मलिनता, सुख का आलोचक है दुःख, पुण्य की कसौटी है पाप।"
उपर्युक्त संवाद ‘स्कंदगुप्त' नाटक में किस पात्र के द्वारा कहा गया?
1
मालिनी
2
देवसेना
3
कमला
4
देवकी
“पवित्रता की माप है मलिनता, सुख का आलोचक है दुःख, पुण्य की कसौटी है पाप।"
उपर्युक्त संवाद ‘स्कंदगुप्त' नाटक में किस पात्र के द्वारा कहा गया?