'चन्द्रगुप्त' नाटक के निम्नलिखित पात्रों को उन के संवादों से सुमेलित कीजिए:
| सूची I | सूची II | ||
| (a) | चन्द्रगुप्त | (i) | भूमा का सुख और उसकी महत्ता का जिसको आभास मात्र हो जाता है, उसको ये नश्वर चमकीले प्रदर्शन नहीं अभिभूत कर सकते। |
| (b) | दाण्ड्यायन | (ii) | संसार-भर की नीति और शिक्षा का अर्थ मैंने यही समझा है कि आत्मसम्मान के लिए मर मिटना ही दिव्य जीवन है। |
| (c) | कार्नेलिया | (iii) | भाषा ठीक करने से पहले मैं मनुष्यों को ठीक करना चाहता हूँ। |
| (d) | चाणक्य | (iv) | मुझे इस देश से जन्मभूमि के समान स्नेह होता हा रहा है। |
1
(a) - (iv), (b) - (iii), (c) - (i), (d) - (ii)
2
(a) - (ii), (b) - (i), (c) - (iv), (d) - (iii)
3
(a) - (i), (b) - (iv), (c) - (iii), (d) - (ii)
4
(a) - (i), (b) - (ii), (c) - (iii), (d) - (iv)