"पराधीन रह कर अपना सुख शोक न कह सकता है।
वह अपमान जगत में केवल पशु ही सह सकता है।"
उपर्युक्त पंक्तियाँ किस कवि की है?
1
मैथिलीशरण गुप्त
2
रामनरेश त्रिपाठी
3
महावीरप्रसाद द्विवेदी
4
श्रीधर पाठक
"पराधीन रह कर अपना सुख शोक न कह सकता है।
वह अपमान जगत में केवल पशु ही सह सकता है।"
उपर्युक्त पंक्तियाँ किस कवि की है?