Comprehension Passage
हमारी धरती ने बापू को जन्म दिया। किन्तु इस धरती का यह सौभाग्य न हुआ कि जो महापुरुष देश की पराधीनता की बेड़ियाँ काटे और देश के प्रतिष्ठा को संसार में ऊँचा ले जाए, वह अपने द्वारा प्रतिष्ठापित स्वतंत्र राष्ट्र में जीवित रहकर विश्वशांति और विश्वबंधुत्व का अपना स्वप्न पूरा कर सके। महात्मा जी को इससे अच्छी मृत्यु और क्या मिल सकती थी की मानवता की रक्षा करते हुए उन्होंने अपने प्राण दिये?
गद्यांश में दिए गए 'सौभाग्य' शब्द का विलोम है -
1
दुर्लभ
2
दुर्भाग्य
3
दुष्कर
4
दुर्मति