'हरी घास पर क्षण भर' कविता की पंक्तियों को पहले से बाद के क्रम में लगाएं-
A. क्षण-भर भुला सकें हम, नगरी की बेचैन बुदकती गड्ड-मड्ड अकुलाहट—
B. प्रकृतिवाद है स्खलन क्योंकि युग जनवादी है।
C. क्षण-भर लय हों—मैं भी, तुम भी, और न सिमटें सोच कि हमने
D. हँसी अकारण खड़े महा-वट की छाया में, वदन घाम से लाल, स्वेद से जमी अलक-लट,
E. अधजानी बबूल की धूल मिली-सी गंध, झरा रेशम शिरीष का, कविता के पद,
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प का चयन कीजिए-
1
A, B, D, C, E
2
A, B, C, D, E
3
A, D, B, C, E
4
A, B, D, E, C