" छः बार अपने को मृत्यु को समर्पित करके और फिर जी कर मैंने यही जाना कि जब आदमी अपना नहीं रहता, अपने को दे डालता है, तब एक मोह जो वह नहीं छोड़ पाता वह स्थायित्व का, जारी रहने का- दूसरे शब्दों में एक अपने नाम का मोह।"
उपर्युक्त कथन किस रचना से संबंधित है?
1
अरे यायावर रहेगा याद
2
मेरी तिब्बत यात्रा
3
एक बूँद सहसा उछली
4
एक साहित्यिक की डायरी