'कुकुरमुत्ता' कविता की इन पंक्तियों / उक्तियों को कविता में आने के क्रम से पहले से बाद के क्रम में, लगाइए :
(A) काम मुझ ही से सधा है
शेर भी मुझसे गधा है।
चीन में मेरी नक़ल, छाता बना
छत्र भारत का वही, कैसा तना
(B) एक थे नव्वाब,
फ़ारस के मँगाए थे गुलाब।
बड़ी बाड़ी में लगाए
देशी पौधे भी उगाए
(C) आया मौसिम, खिला फ़ारस का गुलाब,
बाग़ पर उसका पड़ा था रोबोदाब;
वहीं गंदे में उगा देता हुआ बुत्ता
(D) मैं डबल जब, बना डमरू
इकबग़ल, तब बना वीणा।
मंद्र होकर कभी निकला
कभी बनकर ध्वनि क्षीणा।
(E) देख मुझको, मैं बढ़ा
डेढ़ बालिश्त और ऊँचे पर चढ़ा
और अपने से उगा मैं
बिना दाने का चुगा मैं
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :
1
(E), (B), (A), (D), (C)
2
(B), (C), (E), (A), (D)
3
(C), (B), (A), (E), (D)
4
(B), (C), (E), (D), (A)