“दुःख सब को माँजता है
और
चाहे स्वयं सब को मुक्ति देना वह न जाने, किंतु जिनको माँजता है
उन्हें यह सीख देता है कि सब को मुक्त रखें।”
इन कविता पंक्तियों के रचनाकार हैं
1
धर्मवीर भारती
2
अज्ञेय
3
गजानन माधव मुक्तिबोध
4
शमशेरबहादुर सिंह
“दुःख सब को माँजता है
और
चाहे स्वयं सब को मुक्ति देना वह न जाने, किंतु जिनको माँजता है
उन्हें यह सीख देता है कि सब को मुक्त रखें।”
इन कविता पंक्तियों के रचनाकार हैं